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कक्षा 08वी सामाजिक विज्ञान अध्याय 12 हमारा संविधान का संपूर्ण महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर CLASS 10Th Social Science our constitution All Questions and Answer in Hindi - ULTIMATE STUDY SUPPORT

कक्षा 08वी सामाजिक विज्ञान अध्याय 12 हमारा संविधान का संपूर्ण महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर CLASS 10Th Social Science our constitution All Questions and Answer in Hindi - ULTIMATE STUDY SUPPORT
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रविवार, 14 नवंबर 2021
कक्षा 10वी सामाजिक विज्ञान अध्याय 12 हमारा संविधान का संपूर्ण महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर CLASS 10Th Social Science our constitution All Questions and Answer in Hindi - ULTIMATE STUDY SUPPORT



प्रश्न 1.
सही विकल्प को चुनिए
(A) भारत गणराज्य है, क्योंकि
(अ) भारत में स्वतन्त्र न्यायपालिका है।
(ब) भारत धर्मनिरपेक्ष राज्य है।
(स) राष्ट्रपति वंशानुगत न होकर निर्वाचित है।
(द) प्रधानमन्त्री सर्वोच्च पदाधिकारी है।
उत्तर:
(स) राष्ट्रपति वंशानुगत न होकर निर्वाचित है।
(B) भारत का संविधान लागू हुआ
(अ) 28 नवम्बर, 1949
(ब) 26 जनवरी, 1930
(स) 26 जनवरी, 1950
(द) 28 जुलाई, 1950
उत्तर:
(स) 26 जनवरी, 1950
प्रश्न 2.
संविधान के प्रकार बताइये।
उत्तर:
संविधान के दो प्रकार हैं-
लिखित संविधान और
अलिखित संविधान
प्रश्न 3.
प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर:
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे।
प्रश्न 4.
संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर:
संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे।
प्रश्न 5.
हमारे संविधान का निर्माण कितनी अवधि में हुआ?
उत्तर:
हमारे संविधान का निर्माण 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में कुल 114 दिन की बैठकों के बाद हुआ।
प्रश्न 6.
भारत को पंथ निरपेक्ष राज्य क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत को पंथ निरपेक्ष राज्य कहा जाता है क्योंकि भारतीय संविधान में पंथ निरपेक्ष राज्य का आदर्श रखा गया है। राज्य सभी पंथों की समान रूप से रक्षा करता है तथा स्वयं किसी भी पंथ को राज्य के धर्म के रूप में नहीं मानता। भारत में रहने वाले लोगों को अपनी इच्छानुसार पंथ/मत/धर्म का पालन करने की स्वतन्त्रता है।
प्रश्न 7.
हमारे संविधान की निर्माण प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय संविधान सभा की प्रमुख घटनाओं को बताते हुए एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
हमारे संविधान की निर्माण प्रक्रिया हमारे संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया है। ब्रिटिश मन्त्रिमण्डल का एक दल जिसे ‘केबिनेट मिशन’ कहा गया, भारत आया। केबिनेट मिशन ने अपनी रिपोर्ट में भारत में संविधान सभा के गठन की सिफारिश की। जुलाई, 1946 में ब्रिटिश भारत में संविधान सभा के लिए 296 जनप्रतिनिधियों के लिए चुनाव हुए तथा 93 सदस्य देशी रियासतों के प्रतिनिधि के रूप में वहाँ के शासकों ने मनोनीत किये। प्रमुख घटनाएँ-
9 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई जिसमें सच्चिदानन्द सिन्हा को संविधान सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया। बाद में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद इसके स्थायी अध्यक्ष चुने गये।
संविधान सभा में पं. जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसम्बर, 1946 को संविधान के उद्देश्यों को तय करने वाला उद्देश्य प्रस्ताव रखा जो 22 जनवरी 1947 को सभी की सहमति से पारित हुआ।
संविधान सभा ने एक प्रारूप समिति बनाई जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। इस प्रारूप समिति ने भारतीय संविधान के प्रारूप को तय करने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया।
संविधान सभा ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में कुल 114 दिन बैठकों के पश्चात् हमारे भारतीय संविधान को तैयार किया तथा 26 नवम्बर, 1949 को संविधान सभा ने संविधान के प्रारूप को पारित किया।
26 जनवरी, 1950 को संविधान को देश में लागू कर दिया गया।
प्रश्न 8.
हमारे संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय संविधान की विशेषताओं को दर्शाते हुए बताइये कि हम पंथ निरपेक्षता को किस प्रकार अपनाए हुए हैं?
उत्तर:
भारतीय संविधान की विशेषताएँ भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
सबसे लम्बा एवं लिखित संविधान – हमारा संविधान विश्व का सबसे लम्बा एवं लिखित संविधान है। मूल रूप से संविधान में एक प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियाँ हैं विभिन्न परिवर्धनों के बाद वर्तमान (सन् 2016) में इसमें 12 अनुसूचियाँ हैं।
प्रस्तावना – हमारे संविधान में प्रस्तावना को सम्मिलित किया गया है। यह प्रस्तावना संविधान का भाग है। इसमें संविधान का सार है।
विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा – हमारे संविधान में दुनिया के दूसरे देशों के संविधानों से कुछ बातों को लेकर हमारी आवश्यकताओं के हिसाब से उनमें परिवर्तन करके उन्हें हमारे संविधान में शामिल किया गया है, जैसे-मौलिक अधिकार एवं स्वतन्त्र न्यायपालिका की अवधारणा अमेरिका से, राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व आयरलैंड से और संसदीय शासन व्यवस्था ब्रिटेन से प्रेरित हैं।
पंथ निरपेक्षता – संविधान में पंथ निरपेक्ष राज्य का आदर्श रखा गया है। इसका अर्थ है कि राज्य सभी पंथों की समान रूप से रक्षा करेगा और स्वयं किसी भी पंथ को राज्य के धर्म के रूप में नहीं मानेगा। भारत के सभी नागरिक अपने-अपने विश्वास के अनुसार पंथ/मत/धर्म का पालन करने के लिए स्वतन्त्र हैं।
समाजवाद – संविधान सभी भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्रों में समानता की बात करता है। साथ ही हमारे संविधान द्वारा अनेक संरक्षणात्मक प्रावधान किये गए हैं जिनसे सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को समान और विशेष अवसर प्राप्त हो सके।
लोकतान्त्रिक गणतन्त्र – संविधान के अनुसार भारत एक लोकतान्त्रिक गणराज्य है क्योंकि सरकार का चुनाव जनती करती है तथा वह जनता के प्रति उत्तरदायी रहती है। हमारे शासन का सर्वोच्च पदाधिकारी-राष्ट्रपति निर्वाचित होता
मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य – हमारे संविधान द्वारा नागरिकों को छः मौलिक अधिकार प्रदान किये गये हैं तथा उनके ग्यारह मौलिक कर्तव्य निश्चित किये गये हैं।
नीति निदेशक तत्त्व – भारत में लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करने के उद्देश्य से संविधान में सरकार को कानून तथा नीति बनाते समय आर्थिक एवं सामाजिक विकास हेतु कुछ निर्देश दिये गये हैं।
संघात्मक शासन व्यवस्था – हमारा संविधान संघात्मकशासन की व्यवस्था करता है। इसमें संघात्मक शासन के लक्षण, जैसे संघीय एवं प्रान्तीय स्तरों की सरकार, शक्तियों का विभाजन, लिखित संविधान और स्वतन्त्र न्यायपालिका आदि शामिल हैं।
संसदीय शासन व्यवस्था – संविधान के द्वारा देश में संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया गया है जिसमें कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी रहती है। इसमें राष्ट्रपति संवैधानिक अध्यक्ष है और वास्तविक शक्तियाँ मन्त्रिपरिषद् में निहित हैं।
स्वतन्त्र न्यायपालिका – संविधान द्वारा देश में एक स्वतन्त्र और निष्पक्ष न्यायपालिका की व्यवस्था की गई है। ताकि जनता को न्याय मिल सके और संविधान के अनुसार ही शासन चलता रहे।
कठोर एवं लचीला – हमारे संविधान में संशोधन न तो आसानी से होता है और न कठोरता से
इकहरी नागरिकता – संघात्मक शासन व्यवस्था होने के बावजूद संविधान में इकहरी नागरिकता ही प्रदान की गई
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार – हमारे संविधान में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के मताधिकार प्रदान किया गया है।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
भारत का संविधान नहीं है-
(अ) लिखित
(ब) अलिखित
(स) विशाल
(द) निर्मित
उत्तर:
(ब) अलिखित
प्रश्न 2.
भारतीय संविधान सभा में प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे-
(अ) जवाहरलाल नेहरू
(ब) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
(स) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(द) सच्चिदानंद सिन्हा
उत्तर:
(ब) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
प्रश्न 3.
भारत में वोट देने की न्यूनतम आयु क्या है?
(अ) 18 वर्ष
(ब) 21 वर्ष
(स) 25 वर्ष
(द) 35 वर्ष
उत्तर:
(अ) 18 वर्ष
प्रश्न 4.
भारतीय संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे-
(अ) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
(ब) जवाहरलाल नेहरू
(स) सरदार पटेल
(द) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर:
(द) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
प्रश्न 5.
अलिखित संविधान का उदाहरण है-
(अ) भारतीय संविधान
(ब) अमेरिकी संविधान
(स) ब्रिटिश संविधान
(द) चीन का संविधान
उत्तर:
(स) ब्रिटिश संविधान
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
1. वर्तमान ( सन् 2016) में भारतीय संविधान में………अनुसूचियाँ हैं। (8/12)
2. हमारे संविधान में………….”नागरिकता प्रदान की गई है। (इकहरी/दोहरी)
3. भारतीय संविधान में नागरिकों को………..मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं। (छ:/सात)
4. 9 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक में…………..को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया। (सच्चिदानन्द सिन्हा/डॉ. राजेन्द्र प्रसाद)
5. भारतीय संविधान में राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व………..के संविधान से प्रेरित हैं। (ब्रिटेन/आयरलैंड)
उत्तर:
1. 12
2. इकहरी
3. छ
4. सच्चिदानन्द सिन्हा
5. आयरलैंड
निम्न में से सत्य/असत्य कथन छाँटिए :
1. केबिनेट मिशन की सिफारिश के आधार पर भारतीय संविधान सभा का गठन किया गया।
2. संविधान सभा में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा।
3. 26 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने संविधान के प्रारूप को पारित किया।
4. हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान
5. संविधान किसी राज्य में शासन, व्यक्ति और उनके आपसी सम्बन्धों को निर्देशित करने वाले सभी नियमों और कानूनों का संग्रह है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. असत्य
4. सत्य
5. सत्य
स्तम्भ ‘अ’ को स्तम्भ ‘ब’ से सुमेलित करें।
स्तम्भ ‘अ’स्तम्भ ‘ब’(i) संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्षडॉ. भीमराव अम्बेडकर(ii) संविधान सभा के स्थायी अध्यक्षजवाहरलाल नेहरू(iii) उद्देश्य प्रस्ताव के प्रस्तुतकर्तासच्चिदानंद सिन्हा(iv) प्रारूप समिति के अध्यक्षडॉ. राजेन्द्र प्रसाद
उत्तर:
स्तम्भ ‘अ’स्तम्भ ‘ब’(i) संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्षसच्चिदानंद सिन्हा(ii) संविधान सभा के स्थायी अध्यक्षडॉ. राजेन्द्र प्रसाद(iii) उद्देश्य प्रस्ताव के प्रस्तुतकर्ताजवाहरलाल नेहरू(iv) प्रारूप समिति के अध्यक्षडॉ. भीमराव अम्बेडकर
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
संविधान किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी राज्य में शासन, व्यक्ति और उनके आपसी सम्बन्धों को निर्देशित करने वाले सभी नियमों और कानूनों का संग्रह संविधान कहलाता है।
प्रश्न 2.
लिखित संविधान किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिस संविधान के प्रावधान लिखित रूप में होते हैं, वे लिखित संविधान कहलाते हैं।
प्रश्न 3.
लिखित संविधान वाले किन्हीं दो देशों के नाम लिखिये।
उत्तर:
भारत
संयुक्त राज्य अमेरिका
प्रश्न 4.
अलिखित संविधान किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिस संविधान के प्रावधान लिखे नहीं जाते बल्कि परम्पराओं के रूप में होते हैं, उसे अलिखित संविधान कहते हैं।
प्रश्न 5.
अलिखित संविधान का कोई एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ब्रिटेन का संविधान।
प्रश्न 6.
वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियाँ हैं?
उत्तर:
वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में 12 अनुसूचियाँ हैं।
प्रश्न 7.
भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार एवं स्वतन्त्र न्यायपालिका की अवधारणा किस देश के संविधान से प्रेरित है?
उत्तर:
संयुक्त राज्य अमेरिका से।
प्रश्न 8.
हमारा देश गणतन्त्र क्यों कहलाता है?
उत्तर:
हमारे संविधान में शासन का सर्वोच्च पदाधिकारीराष्ट्रपति-वंशानुगत न होकर निर्वाचित होता है। इसलिए हमारा देश गणतन्त्र कहलाता है।
प्रश्न 9.
भारतीय संविधान की संघात्मक शासन व्यवस्था के चार लक्षण लिखिए।
उत्तर:
संघीय एवं प्रान्तीय स्तरों की सरकारें
शक्तियों का विभाजन
लिखित संविधान तथा
स्वतन्त्र न्यायपालिका
प्रश्न 10.
हमारा संविधान कठोर व लचीला क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
हमारे संविधान के कुछ महत्त्वपूर्ण प्रावधानों को बदलने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ प्रावधान साधारण बहुमत से बदले जा सकते हैं।
प्रश्न 11.
हमारे देश में किस दिन को ‘संविधान दिवस’ घोषित किया गया? यह प्रथम बार कब मनाया गया?
उत्तर
हमारे देश में भारत सरकार ने 26 नवम्बर को ‘संविधान दिवस’ घोषित किया है। पूरे देश में 26 नवम्बर, 2015 को प्रथम संविधान दिवस मनाया गया।
प्रश्न 12.
भारतीय संविधान सभा का गठन किस सन में किया गया?
उत्तर:
भारतीय संविधान सभा का गठन सन् 1946 में किया गया?
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
संघात्मक शासन व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? समझाइये।
उत्तर:
जब किसी देश में शासन की शक्तियाँ केन्द्र एवं राज्यों के बीच स्पष्ट रूप से विभाजित हों तो उसे संघात्मक शासन व्यवस्था कहते हैं। हमारा संविधान संघात्मक शासन की व्यवस्था करता है। इसमें संघात्मक शासन के लक्षण, जैसे–संघीय एवं प्रान्तीय स्तरों की सरकार, शक्तियों का विभाजन, लिखित संविधान और स्वतन्त्र न्यायपालिका आदि शामिल हैं।
प्रश्न 2.
भारतीय संविधान की किन्हीं चार विशेषताओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
सबसे लम्बा एवं लिखित संविधान – हमारा संविधान विश्व का सबसे लम्बा एवं लिखित संविधान है। मूल रूप से संविधान में एक प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियाँ हैं विभिन्न परिवर्धनों के बाद वर्तमान (सन् 2016) में 12 अनुसूचियाँ हैं।
प्रस्तावना – हमारे संविधान में प्रस्तावना को सम्मिलित किया गया है। यह प्रस्तावना संविधान का भाग है। इसमें संविधान का सार है।
पंथ निरपेक्षता – संविधान में पंथ निरपेक्ष राज्य का आदर्श रखा गया है। इसका अर्थ है कि राज्य सभी पंथों की समान रूप से रक्षा करेगा और स्वयं किसी भी पंथ को राज्य के धर्म के रूप में नहीं मानेगा।
समाजवाद – संविधान सभी भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक क्षेत्रों में समानता की बात करता है।
प्रश्न 3.
भारत को लोकतान्त्रिक गणतंत्र देश कहा जाता है।” कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
अथवा
हमारी संविधान लोकतान्त्रिक गणराज्य क्यों कहलाता है?
उत्तर:
संविधान के अनुसार भारत एक लोकतान्त्रिक राज्य है। क्योंकि सरकार का चुनाव जनता करती है और चुनी हुई सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी रहते हुए ही कार्य करती है। हमारा देश गणतंत्र/गणराज्य है क्योंकि शासन का सर्वोच्च पदाधिकारी राष्ट्रपति वंशानुगत न होकर निर्वाचित होता है। अतः भारत को लोकतांत्रिक गणतंत्र देश कहा जाता है
प्रश्न 4.
संसदीय शासन प्रणाली से क्या आशय है?
उत्तर:
संसदीय शासन प्रणाली वह है जिसमें कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी रहती है। इस व्यवस्था में राज्य का प्रमुख राष्ट्रपति संवैधानिक अध्यक्ष होता है और शासन की वास्तविक शक्तियाँ मन्त्रिपरिषद् में निहित होती हैं जो अपने कार्यों के लिए संसद के निम्न सदन (लोकसभा) 1 के प्रति उत्तरदायी होती है।
प्रश्न 5.
सरकार किन्हीं निश्चित नियमों के अनुसार कार्य क्यों करती है? समझाइये।
उत्तर:
सरकार का कार्य शासन – व्यवस्था का सुचारु ढंग से संचालन करना होता है। इसके लिए कुछ निश्चित नियमों व कार्यविधियों की आवश्यकता होती है। यदि शासन-कार्य के लिए कुछ निश्चित नियम व कानून नहीं होंगे तो-
पूरे देश में व्यवस्थाएँ बिगड़ जाएँगी
समाज में अशांति एवं अराजकता का वातावरण बन जाएगा
सरकारों को जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं बनाया जा सकेगा और
न ही सरकार व व्यक्तियों व व्यक्तियों के पारस्परिक सम्बन्धों का निर्धारण हो सकेगा।
प्रश्न 6.
‘भारत राज्यों का संघ है।’ इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
भारतीय संविधान में भारत को ‘राज्यों के संघ’ के रूप में बताया गया है। इसका आशय यह है कि-
भारतीय संविधान संघात्मक शासन व्यवस्था की स्थापना करता है जिसमें संघात्मक शासन व्यवस्था की सभी प्रमुख विशेषताओं को अपनाया गया है।
भारतीय संघ राज्यों के आपसी समझौते का परिणाम नहीं है इसलिए किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
भारतीय संविधान सभा का गठन किस प्रकार हुआ?
उत्तर:
भारतीय संविधान सभा का गठन-भारतीय संविधान |सभा के गठन की प्रक्रिया को निम्न प्रकार स्पष्ट किया गया है।
स्वतन्त्रता आन्दोलन के समय भारत के लोगों की इस माँग ने जोर पकड़ा कि भारतीय संविधान बिना बाहरी हस्तक्षेप के ऐसी संविधान सभा द्वारा बनाया जाये जो वयस्क मताधिकार के आधार पर निर्वाचित हो।
ब्रिटिश सरकार ने अन्ततः संविधान सभा की माँग को स्वीकार कर लिया और केबिनेट मिशन की सिफारिश के आधार पर 1946 में भारतीय संविधान सभा का गठन किया गया।
जुलाई, 1946 में संविधान सभा के लिए 296 जनप्रतिनिधियों के लिए चुनाव हुए तथा 93 सदस्य देशी रियासतों के प्रतिनिधि के रूप में वहाँ के शासकों द्वारा मनोनीत किये गए। राजस्थान से भी संविधान सभा में 14 सदस्य शामिल थे।

Admin

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